बाद में
बाद में, न तुम सुन सकोगी,
बाद में, न मैं कह सकूँगा,
बाद में, फिर फ़ुर्सत न होगी,
बाद में, ये हसरत न होगी,
बाद में, न ये दस्तूर होगा,
बाद में, न तुझे मंज़ूर होगा।
क्यूँकि,
बाद में, बात रह जाती है।
बाद में, देर हो जाती है।
बाद मेरी, ये नज़र न होगी,
बाद तेरा, ये नज़ारा न होगा,
बाद में, होंठ सिल जाएँगे,
बाद में, शब्द रह जाएँगे,
बाद में, ये उलझन न होगी,
बाद में, फिर अनबन न होगी,
बाद मेरी, शिकायत न होगी,
बाद तेरी, इनायत न होगी,
बाद में, दर्द मिट जाएगा,
बाद में, ज़ख़्म भर जाएगा।
क्यूँकि,
बाद में, बात रह जाती है।
बाद में, देर हो जाती है।
बाद में, बात सुलझ जाएगी,
बाद में, मैं संभल जाऊँगा,
बाद, पलकें, नीची न होंगी,
बाद, आँखें, गीली न होंगी,
बाद, न तुम नादान होगी,
बाद, न मैं बावरा रहूँगा,
बाद कहाँ, ये इंतज़ार होगा,
बाद कहाँ, फिर इम्तिहान होगा,
बाद, न दिल टूटा रहेगा,
बाद, न ये रूठा रहेगा,
बाद, मुश्किल मिट जाएगी,
पर बाद, कसक रह जाएगी।
बाद में, अल्फ़ाज़ सिमट जाते हैं,
बाद में, जज़्बात बिखर जाते हैं,
बाद में, न कोई कह पाता है,
बाद में, न कोई सह पाता है,
बाद में, सवाल डर जाते हैं,
बाद में, जवाब थक जाते हैं।
क्यूँकि,
बाद में, बात रह जाती है।
बाद में, देर हो जाती है।